नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि यदि पति और पत्नी दोनों ही सरकारी सेवा में हैं और एक ही शहर में एक साथ सरकारी आवास (Government Accommodation) में रह रहे हैं, तो क्या दोनों में से किसी एक को या दोनों को मकान किराया भत्ता (HRA – House Rent Allowance) प्राप्त होगा?
हाल ही में संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में 04 अगस्त 2026 (लिखित प्रश्न संख्या – 1831) के तहत सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक द्वारा यह अहम मुद्दा उठाया गया। इसके जवाब में वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने सरकार की मौजूदा नीति और इस पर उठ रहे सवालों पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
📌 मुख्य बिंदु (Highlights at a Glance)
| विवरण | राज्यसभा प्रश्नोत्तर की मुख्य बातें |
| संसद का नाम | राज्यसभा (लिखित प्रश्न संख्या – 1831) |
| उत्तर की तिथि | मंगलवार, 04 अगस्त, 2026 / 13 श्रावण, 1948 (शक) |
| प्रश्नकर्ता | श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक |
| उत्तरदाता | श्री पंकज चौधरी (वित्त राज्य मंत्री) |
| मंत्रालय | वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग – Department of Expenditure) |
| प्रमुख फैसला | आवंटन की स्थिति में दूसरे जीवनसाथी को HRA नहीं मिलेगा |
| नीति समीक्षा का प्रस्ताव | ‘जी नहीं’ (सरकार किसी समीक्षा का इरादा नहीं रखती) |
1. राज्यसभा में क्या पूछा गया था? (प्रश्न का विवरण)
सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक ने वित्त मंत्री से निम्नलिखित चार प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा था:
- कटौती का कारण: पति-पत्नी दोनों के सरकारी कर्मचारी होने और आवंटित आवास में एक साथ रहने पर दोनों के वेतन से HRA कटौती/अदेयता का क्या कारण है?
- अभ्यावेदन (Representations): क्या इस नीति पर पुनर्विचार के लिए कर्मचारियों या उनके सेवा संघों से कोई आवेदन/अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं?
- नीति की समीक्षा: क्या सरकार इस नीति को दंपत्तियों के लिए अधिक युक्तिसंगत बनाने हेतु इसकी समीक्षा का प्रस्ताव रखती है?
- समीक्षा का ब्यौरा: यदि हाँ, तो इसका ब्यौरा क्या है?
2. वित्त मंत्रालय का आधिकारिक जवाब (Ministry Statement)
वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने लिखित उत्तर देते हुए केंद्र सरकार की मौजूदा नीति और इसके पीछे के तर्क को स्पष्ट किया:
- (क) HRA न मिलने का मुख्य कारण:“केंद्र सरकार के कर्मचारी, जिनको सरकारी आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है, किराये के आवास पर रहने के लिए किए गए व्यय की प्रतिपूर्ति करने के लिए मकान किराया भत्ता प्रदान किया जाता है। जहां पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी एक ही स्थान पर तैनात हैं और उनमें से किसी एक को सरकारी आवास आवंटित किया गया है, तो परिवार को सरकारी आवास उपलब्ध कराया गया माना जाता है। परिणामस्वरूप, दूसरे पति/पत्नी द्वारा आवास पर कोई व्यय नहीं किया जा रहा है। अतएव, उन्हें मकान किराया भत्ता देय नहीं है।”
- (ख) अभ्यावेदन प्राप्ति पर: जी नहीं।
- (ग) नीति समीक्षा के प्रस्ताव पर: जी नहीं।
- (घ) विस्तृत ब्यौरा: प्रश्न नहीं उठता।
3. HRA नीति के पीछे का मुख्य सिद्धांत क्या है?
वित्त मंत्रालय के स्पष्टीकरण के अनुसार, मकान किराया भत्ता (HRA) कोई अतिरिक्त लाभ या सैलरी बोनस नहीं है, बल्कि यह कर्मचारी द्वारा जेब से दिए जाने वाले किराए (Residential Expenditure) की प्रतिपूर्ति (Reimbursement) है।
- एक परिवार = एक आवास: जब किसी एक जीवनसाथी को सरकारी क्वार्टर/आवास आवंटित हो जाता है, तो कानूनन पूरे परिवार को आवासीय सुविधा मिल चुकी होती है।
- कोई अतिरिक्त खर्च नहीं: चूंकि दूसरा जीवनसाथी उसी सरकारी आवास में साथ रह रहा है, इसलिए उसे रहने के लिए कोई अलग से किराए का भुगतान नहीं करना पड़ता।
- कटौती/अपात्रता का आधार: कोई अतिरिक्त खर्च न होने के कारण दूसरे जीवनसाथी को HRA की पात्रता नहीं रहती।
4. पति-पत्नी सरकारी कर्मचारियों के लिए HRA के अन्य नियम
7वें वेतन आयोग (7th Central Pay Commission) एवं मूलभूत नियमों (FR/SR) के अनुसार विभिन्न परिस्थितियों में HRA की पात्रता इस प्रकार होती है:
(A) जब दोनों एक ही शहर में हों और किराए के मकान में रहते हों:
यदि पति-पत्नी दोनों एक ही शहर में पोस्टेड हैं और सरकारी आवास नहीं लिया है, बल्कि निजी किराए के मकान में रहते हैं, तो केवल किसी एक (पति या पत्नी) को ही HRA प्राप्त होगा।
(B) जब दोनों अलग-अलग शहरों में पोस्टेड हों:
यदि पति और पत्नी की तैनाती अलग-अलग शहरों/स्टेशनों पर है और वे वहां अलग-अलग किराए के मकानों में रह रहे हैं (और किसी ने भी सरकारी आवास नहीं लिया है), तो नियमानुसार दोनों अपने-अपने कार्यस्थल पर HRA पाने के हकदार होते हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions – FAQs)
Q1: क्या पति-पत्नी दोनों केंद्र सरकार में हों तो दोनों को HRA मिल सकता है?
उत्तर: यदि वे एक ही स्थान पर साथ रहते हैं या किसी एक को सरकारी आवास मिला हुआ है, तो दोनों को HRA नहीं मिल सकता। केवल अलग-अलग शहरों में पोस्टेड होने और अलग रहने की स्थिति में ही दोनों HRA का दावा कर सकते हैं।
Q2: क्या भविष्य में इस HRA नियम में बदलाव की कोई संभावना है?
उत्तर: नहीं, वित्त मंत्रालय ने 04 अगस्त 2026 को राज्यसभा में स्पष्ट किया है कि इस नीति की समीक्षा या बदलाव का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है।
Q3: HRA किस नियम के तहत दिया जाता है?
उत्तर: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को HRA व्यय विभाग (Department of Expenditure), वित्त मंत्रालय द्वारा जारी मूलभूत नियमों (Fundamental Rules & Supplementary Rules – FR/SR) तथा वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत दिया जाता है।
💡 निष्कर्ष (Conclusion)
वित्त मंत्रालय के इस राज्यसभा जवाब से यह साफ हो गया है कि केंद्र सरकार की HRA नीति में ‘वास्तविक आवासीय खर्च’ को ही प्राथमिकता दी जाती है। यदि दंपत्ति में से किसी एक को सरकारी आवास प्राप्त है, तो परिवार को आवास-सुविधा प्राप्त माना जाएगा और दूसरे साथी को HRA नहीं दिया जाएगा। सरकार का रुख इस विषय पर पूरी तरह स्पष्ट है और इसमें निकट भविष्य में किसी बदलाव की संभावना नहीं है।




